छत्तीसगढ़

आंगनबाड़ी भवन तोड़फोड़ मामले में प्रॉपर्टी डीलर आदिल कुछावा गिरफ्तार

Shantanu Roy
20 Aug 2025 12:04 AM IST
आंगनबाड़ी भवन तोड़फोड़ मामले में प्रॉपर्टी डीलर आदिल कुछावा गिरफ्तार
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छग
Raigarh. रायगढ़। जूटमिल थाना क्षेत्र में आंगनबाड़ी भवन तोड़फोड़ प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धमतरी निवासी प्रॉपर्टी डीलर आदिल कुछावा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह वही आरोपी है जिसने घटना के दौरान फोन पर स्थानीय लोगों को डराने की कोशिश की थी और खुद को प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ा बताते हुए दबाव बनाया था। दरअसल, 17 अगस्त को संत विनोबा नगर स्थित आंगनबाड़ी भवन को तोड़ने का प्रयास किया गया था। इस दौरान दीपक महोबिया और मुकेश कुमार जैन जेसीबी चालक फिदा हुसैन के साथ मौके पर पहुंचे थे। जब मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने तहसील आदेश का हवाला देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। सूचना मिलने पर जूटमिल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और तीनों को पकड़कर थाने ले गई।

इस घटना को लेकर मोहल्लेवासी बेलार सिंह सवरा ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 281/2025 धारा 319(2), 324(3)(5), 351(4), 3(5) बीएनएस तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3, 5 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला। जब दीपक महोबिया ने तोड़फोड़ का प्रयास किया, उस समय उसने मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति को कॉल कर स्पीकर ऑन किया और मोहल्लेवासियों को डराने का प्रयास किया। पुलिस ने कॉल डिटेल की जांच की तो नंबर धमतरी निवासी आदिल कुछावा का निकला। पुलिस की जांच में सामने आया कि आदिल कुछावा उर्फ रिजवी उर्फ खान पिता मोहम्मद असलम, उम्र 36 वर्ष, निवासी सिहावा चौक धमतरी, एक प्रॉपर्टी ब्रोकर है। उसके खिलाफ धमतरी में तीन, बालोद में एक और रायपुर में एक दुर्घटना का अपराध दर्ज पाया गया। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर धमतरी में दबिश दी और आदिल को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना के दिन दीपक महोबिया से उसकी बात हुई थी और उसने फोन पर खुद को प्रभावशाली नेताओं से जुड़ा बताते हुए स्थानीय लोगों को डराने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी से प्रयुक्त एपल आईफोन 16 प्रो मैक्स जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, उप निरीक्षक गिरधारी साव, सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ और साइबर सेल के विकास प्रधान की अहम भूमिका रही। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों को हर हाल में कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके में संदेश गया है कि चाहे कितनी भी बड़ी पहुंच क्यों न हो, पुलिस कानून तोड़ने वालों को नहीं छोड़ेगी।
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